पैसों के ऐसे 12 नियम जो 2024 में आपको financially free होने में मदद करेंगे

दोस्तों 2023 अब जा चुका है और हमें ऐसा क्या करना चाहिए कि 2024  में हम अमीर बन पाएं? 2024  में ऐसा क्या करें कि फाइनेंशियल स्टेबल एंड सक्सेसफुल बन पाए? यहां मैं कोई जल्दी से अमीर होने वाली क्विक स्कीम्स के बारे में नहीं बताने वाला हूं, बल्कि पैसों से जुड़े मोस्ट इफेक्टिव 12 रूल्स बताने जा रहा हूं, जो 2024  में आपको फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए इंपॉर्टेंट साबित होंगे। 

और अगर आप अपनी लाइफ में फाइनेंशियल फ्रीडम चाहते हैं, तो ये मनी रिलेटेड 12 रूल्स आपको जानने ही चाहिए। तो चलिए आर्टिकल को शुरू करते हैं और जानते हैं 12 जरुरी मनी रूल्स के बारे में । 


12 CLEVER MONEY RULES for a RICH


 1. Stop Renting Your Time  

अपने टाइम को पैसे के बदले बेचने की बजाय उस टाइम को स्मार्टली और वैल्यूएबल तरीके से यूज करना सीखें। इमेजिन करो कि आप एक ऐसी जगह पर काम कर रहे हैं, जहां आपको hourly पेमेंट यानी प्रति घंटे काम करने का पैसा दिया जाता है। 

अब आप बताइए कि ऐसे में कैसे अमीर बन सकते हैं। क्योंकि हर इंसान के पास लिमिटेड अमाउंट टाइम रहता है और अगर आप घंटे के हिसाब से काम करेंगे तो हर दिन कितने ही घंटे काम कर सकते हैं ज्यादा से ज्यादा 16 घंटे। 

वहीं सोचिए, एक ऑनलाइन एजुकेटर के बारे में जो एक ऐसा वैल्यूएबल कोर्स बनाकर बेचता है जिसकी बहुत से लोगों को जरूरत है। कोर्स बनाने में कोर्स क्रिएटर को 2 से 3 दिन लगे, लेकिन अब इस कोर्स को 100- 200 नहीं बल्कि लाखों लोग खरीदेंगे। इस तरीके से अमीर बनना ज्यादा संभव है। टाइम के बदले पैसा कमाने की बजाय कोई स्किल या नॉलेज के बदले पैसा कमाएं। 


2. Knowledge is the supreme power 

जैसा कि रूल नंबर 1 में मैंने आपको बताया, leverage the knowledge यानी ज्ञान का लाभ उठाएं। पैसों से जुड़ी नॉलेज यानी फाइनेंशियल लिटरेसी का होना बहुत इंपॉर्टेंट है। जैसे कि पैसा कैसे काम करता है, फाइनेंशियल मजबूती पाने के लिए क्या फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट्स होते हैं इत्यादि। 

मनी मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट से जुड़े जरूरी नॉलेज का होना भी बहुत इंपॉर्टेंट है। जितना ज्यादा आप पैसों के बारे में जानेंगे, उतना ही अच्छा आप पैसों को मैनेज कर पाएंगे। पैसों से जुड़ी नॉलेज लेने के लिए मार्केट में काफी बुक्स अवेलेबल है। जैसे रिच एंड पुअर डैड, रिचेस्ट मैन इन बेबीलोन और भी बहुत सारी। 

इसके अलावा काफी सारे रिसोर्सेज ऑनलाइन अवेलेबल हैं, जिनकी हेल्प से आप नॉलेज ले सकते हैं। इस फाइनेंशियल लिटरेसी का यूज हम हमारे पैसों को अच्छे से बजटिंग करने में, पैसों को सेव करने में, इन्वेस्टमेंट करने में और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को अच्छे से डायवर्सिफाई करने में कर सकते हैं, ताकि हमारा फाइनेंशियल फाउंडेशन सॉलिड बन सके। 


यह भी पढ़ें :

सिर्फ पांच साल काम और जिंदगी भर आराम करो

STOCKS VS MUTUAL FUNDS कौन है बेहतर और किसमें होगी मोटी कमाई

यह हैं खुद के दम पर दौलतमंद बनने की 6 महत्वपूर्ण Straitagies

2024 आने से पहले कर लो यह बिज़नेस ,100% देंगे फायदा



3. Mindful spending and budgeting

यह नियम मनी मैनेजमेंट के अंदर आता है। इस नियम के अनुसार हमें सबसे पहले यह पता करना चाहिए कि आखिर आपका पैसा कहां जा रहा है। पैसों को खर्च करने से पहले पैसों का बजट बनाना बहुत जरूरी है। 

एग्जाम्पल के लिए अपनी मंथली इनकम में से जरूरी खर्च का अनुमान पहले से लगा लेना जैसे बिल, रेंट पेमेंट, किराने का सामान, एंटरटेनमेंट सेविंग गोल्स ताकि हमें पता चल जाए कि हमारा पैसा केवल जरूरी जगह पर तो खर्च हो रहा है ना। 

Mindful spending and budgeting करने पर पैसों से जुड़ा तनाव लगभग खत्म हो जाता है और वेकेशन, पार्टी, ट्रैवलिंग, फैमिली फंक्शन जैसे अनावश्यक खर्चों को हम अच्छे से मैनेज कर पाते हैं। बजटिंग करने से यह स्थिति भी साफ हो जाती है कि पैसों को कहां इन्वेस्ट कर सकते हैं, ताकि अपने फ्यूचर को सिक्योर रखने के लिए हमारा कैपिटल ग्रो हो सके। 


4. How to get rich without getting lucky

बिना लकी हुए अमीर कैसे बना जा सकता है? इस नियम के अंदर कुछ ऐसे प्रिंसिपल और स्ट्रैटिजी पर बात की जाती है, जिसमें वेल्थ क्रिएट करने के लिए अपनी किस्मत पर डिपेंड रहने की बजाय कंसिस्टेंट एफर्ट और स्मार्ट डिसीजन मेकिंग पर फोकस किया जाता है। कोई स्कीम में फंसने की बजाय ऐसे प्रोडक्ट या सर्विस बनाने पर ध्यान दिया जाए, जिसकी लोगों को असल में जरूरत है। 

लोगों की समस्या को सॉल्व करने पर फोकस करें, ताकि बदले में अच्छा मनी जेनरेट हो सके। सिर्फ पैसा खर्च करने की बजाय खुद पर इन्वेस्ट करें। कुछ नई फाइनेंशियल स्किल्स सीखें। हार्डवर्क करने के साथ स्मार्ट वर्क भी करें। 

अच्छी फाइनेंशियल हैबिट्स को अपनाएं, जैसे बजटिंग, इन्वेस्टिंग एंड मनी सेविंग। सिर्फ अपनी किस्मत पर डिपेंड होने के बजाय कैलकुलेटेड रिस्क लेने पर भी ध्यान दें। ये कुछ प्रिंसिपल्स हैं, जिनकी हेल्प से आप एक सस्टेनेबल वेल्थ क्रिएट कर सकते हैं और आपको फाइनेंशियल ग्रोथ मिल सकती है। 


5. All popular things are wrong 

इस नियम के अंदर भेड़चाल चलने को गलत बताया गया है। जैसे इनवेस्टिंग में कुछ पॉपुलर ट्रेंड चल रहे होते हैं या ऐसे फाइनेंशियल डिसीजन होते हैं, जिनको अधिकतर लोग फॉलो कर रहे होते हैं। लेकिन जरूरी नहीं है कि वो सभी बातें सही हो और आपको अच्छा ही रिटर्न मिले। 

ये नियम हमें यह समझाता है कि अगर कोई चीज ट्रेंड कर रही है या जिसे एक्सेप्ट किया जा रहा है तो जरूरी नहीं कि वो सही हो और प्रॉफिटेबल हो। कई बार वो ट्रेंड इमोशन की वजह से इन्फ्लुएंस हो जाते हैं। जैसे सोशल मीडिया साइट्स इंस्टाग्राम पर कई सारे पेजेज होते हैं जो ये बताते हैं कि ये स्पेसिफिक स्टॉक रातों रात डबल होने वाला है तो सारे लोग उस ट्रेंड को फॉलो करने लगते हैं। 

तो सुनी सुनाई बातों पर विश्वास करने की बजाय खुद पर्सनली रिसर्च करें और फैक्ट्स और एनालिसिस को देखते हुए अपने डिसीजन खुद लें। 


6. Stealth wealth 

ये नियम हमें बताता है कि एक इंडिविजुअल पैसों के बारे में क्या सोच रखता है। कुछ लोगों के लिए पैसा केवल जीवन जीने का तरीका है, जबकि कुछ लोगों के लिए पैसा दिखावा करने का जरिया होता है। अगर आप ज्यादा पैसा सिर्फ दिखावा करने के लिए यह showoff  करने के लिए कमाना चाहते हैं तो यह एक रॉन्ग अप्रोच है। 

वेल्थ का सीधा सा मतलब यह है कि वो लोग जो अपार धन संपदा होने के बावजूद भी एक नॉर्मल लाइफस्टाइल जीते हैं, ऐसे लोग अपने पैसों का दिखावा नहीं करते, बल्कि फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर ध्यान देते हैं। ये लोग अपनी प्राइवेसी को मेंटेन करते हैं। 

हाई इनकम एसेट्स होने के बावजूद ये साधारण से घर में रहते हैं। नॉर्मल सी दिखने वाली कार चलाते हैं और सीधे सादे कपड़े पहनकर चलते हैं। Stealth wealth का मेन मोटो है नेसेसरी अटेंशन ग्रैब करने से बचना, क्योंकि इससे चोरी होने का खतरा या किसी दूसरे तरह के रिस्क का खतरा बढ़ सकता है। 

इस तरह की लाइफस्टाइल जीने से पीस ऑफ माइंड मिलता है, जीने की आजादी मिलती है और जीवन में कम तनाव रहता है। इस कैटेगरी के लोग पैसों को शो ऑफ करने की बजाय अपनी वेल्थ को मल्टीप्लाई करने में और पैसों को खुद में इन्वेस्ट करने जैसे कोई जरूरी स्किल सीखने में लगाते हैं। 


7. Money doubling principle

मनी डबलिंग प्रिंसिपल हमें यह बताता है कि आपका इन्वेस्टमेंट एक सर्टेन इंटरेस्ट रेट पर कितने समय में डबल हो जाएगा। इस प्रिंसिपल को Rule of 72  भी कहा जाता है। यह सिंपल सा मैथमेटिकल फॉर्मूला है, जिसकी हेल्प से आप एक अनुमानित समय पता कर सकते हैं कि आपका इन्वेस्टमेंट एक फिक्स्ड रेट ऑफ रिटर्न पर कितने समय में दोगुना हो जाएगा। 

मान लीजिए आपने अपने पैसों को स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टोकरेंसी और रियल स्टेट में लगाया है, जिसका सालाना रिटर्न रेट 8% हैं  तो आपको 72 को 8 से डिवाइड करने पर 9  मिलता है। यानी 8% एनुअल रेट ऑफ रिटर्न पर लगभग नौ साल में आपका इन्वेस्टमेंट डबल हो जाएगा। हालांकि यह रूल केवल प्रिडिक्शन करने वाला फॉर्मूला है क्योंकि इन्वेस्टमेंट का रिटर्न कई सारे फैक्टर्स एंड मार्केट फ्लक्चुएशन पर भी डिपेंड करता है। 


8. Avoid crabs 

यह एक फाइनेंशियल प्रिंसिपल है, जिसको एक उदाहरण से समझते हैं। एक गहरी बाल्टी है और उस बाल्टी में कई सारे क्रैब यानी केकड़े रखे गए हैं। आप अगर चाहते हैं कि कोई केकड़ा आपकी बाल्टी से बाहर न निकले तो उसके लिए आपको इस बाल्टी को ढकने की जरूरत नहीं है। 

क्योंकि जब एक केकड़ा बाहर आने की कोशिश करता है तो दूसरा उसकी टांग खींचकर उसे वापस नीचे ले आता है। अगर फाइनेंशियल टर्म में बात करें तो मान लीजिए आपके जीवन में एक ऐसा व्यक्ति है जो आपको नेगेटिव इन्फ्लुएंस कर रहा है, जो आपको मौज मस्ती, शराब, पार्टी और दूसरी अन्य बुरी आदतों में फंसाता है तो वह आपके जीवन में एक क्रैब यानी केकड़ा है। 

जीवन में कुछ लोग होते हैं, जो आपकी फाइनेंशियल प्रोग्रेस या फाइनेंशियल इंप्रूवमेंट को रोकने की कोशिश करते हैं। वो असल में इस केकड़े के समान ही होते हैं, जो निरंतर आपकी टांग खींचते रहते हैं। ये प्रिंसिपल इस बात पर जोर देता है कि अगर आपके जीवन में ऐसा कोई क्रैब है तो उन्हें अपनी लाइफ से बाहर कीजिए और ऐसे लोगों के साथ रहिए जो पॉजिटिव हों, जिनका नेचर सपोर्टिव हो, जो आपकी फाइनेंशियल ग्रोथ में सहायता करते हों। 

अगर आप शेयर मार्केट में इनवेस्ट करके अच्छा रिटर्न हासिल करना चाहते हैं तो लाइक माइंडेड लोगों के साथ अपना समय बिताएं। उन लोगों की बातों को गौर से सुनें, जो स्टॉक की बातें करते हों ताकि आप अपना फाइनेंशियल गोल जल्दी से हासिल कर सकें। तो नेगेटिव लोग जैसे crabs को अवॉइड करें। 


9. The one million rule 

यह फाइनेंशियल प्रिंसिपल हमें यह बताता है कि अगर हमारे पास एक मिलियन डॉलर होंगे , तो हम अच्छे से और आराम से रिटायर हो सकते हैं। हालांकि यह कोई फिक्स अमाउंट नहीं है, बल्कि एक बेंचमार्क है कि अगर आपके पास एक मिलियन डॉलर रिटायरमेंट के वक्त तक होगा तो आप एक अच्छी लाइफस्टाइल को मेंटेन कर पाएंगे। 

लेकिन यह अमाउंट पर्सन टू पर्सन वैरी करता है क्योंकि हर व्यक्ति की जरूरतें अलग अलग होती हैं। इसके अलावा रहन सहन, खानपान, रेजिडेंशियल लोकेशन, फाइनेंशियल सिचुएशन पर भी यह अमाउंट डिपेंड करता है। 


10. Get some help 

गेट सम हेल्प प्रिंसिपल का सीधा सा मतलब है कि मदद मांगने में कभी न शर्माए, बल्कि जो व्यक्ति बेशर्म होकर हेल्प मांगता है, वह अक्सर जीवन में सफल हो जाता है। मान लीजिए अगर आप शेयर मार्केट में इनवेस्टमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपको नहीं पता कि अच्छे स्टॉक कैसे पिक किए जाते हैं। 

ऐसे में आपको अपने किसी फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद लेनी चाहिए और वो एडवाइजर आपको बेहतरीन स्टॉक्स चुनकर देगा, जिसमें आपको इनवेस्टमेंट करना है। वह फाइनेंशियल एडवाइजर आपके पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर देगा ताकि आपको फ्यूचर में ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके। 

बदले में वह आपसे इनवेस्टमेंट रिटर्न का कुछ एक्सपेंस रेशियो या उसे कॉस्ट कह सकते हैं, जो जीरो से वन परसेंट के बीच में होता है, वह चार्ज करेगा। अगर इस तरह की सहायता आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट देने वाली है, तो ऐसी हेल्प लेने में कोई बुराई नहीं है। 


11. Focus is the new IQ 

ये इंटरनेट का जमाना है जहां आपके सवाल का जवाब सिर्फ एक क्लिक दूर है। अगर आपको फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, स्टॉक मार्केट या म्यूचुअल फंड से रिलेटेड कुछ भी सीखना है तो इंटरनेट पर इससे जुड़ी बहुत सारी जानकारी वीडियो, आर्टिकल्स के रूप में उपलब्ध है। 

लेकिन क्या वह सारी सही होती है? यहां जरूरत होती है एक सही मेंटोर को चुनने की और फोकस के साथ केवल उसे ही फॉलो करने की। चाहे इसके लिए आपको कुछ भी अमाउंट क्यों न pay करना पड़े क्योंकि खुद पर कुछ इन्वेस्ट करोगे तभी तो रिटर्न को एक्सपेक्ट कर सकते हो। अगर आप फोकस के साथ कंसंट्रेट होकर किसी चीज को सीखते हैं तो आप खुद ब खुद पिरामिड के टॉप पर पहुंच जाते हैं। 


12. The 5% rule 

दोस्तों यह रूल आपके लिए एक बोनस टिप की तरह है और इस रूल का नाम है 5% rule। फाइनेंशियल टर्म में बात करें तो आपने फेमस कोट तो जरूर सुना होगा Never Put Your All Eggs in One basket। The 5% rule यह कहता है कि किसी भी इनवेस्टर को अपने पूरे पोर्टफोलियो में से किसी एक ऑप्शन पर पाँच पर्सेंट से ज्यादा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। 

मान लीजिए आपने एक पर्टिकुलर स्टॉक या सिक्योरिटी में बहुत ज्यादा इनवेस्ट कर दिया और फ्यूचर में वह स्टॉक या सिक्योरिटी बहुत लॉस में चला जाता है, तो इसका रिजल्ट बहुत बुरा हो सकता है इससे आप अपनी वेल्थ और कैपिटल को भी खो सकते हैं। 

एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो को मेंटेन करना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि कोई पाँच पर्सेंट इनवेस्टमेंट आपको नॉमिनल लॉस दे, तो कोई पांच पर्सेंट इनवेस्टमेंट आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी दे सकती है। तो यह पाँच पर्सेंट रूल या पाँच पर्सेंट इनवेस्टमेंट आपके नुकसान को कम करता है और रिटर्न को मैक्सिमम करता है। 


Wrapping Up

तो दोस्तों ये थे वो 12 रूल्स या 12 फाइनेंशियल प्रिंसिपल्स जो 2024 में आपको फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और ग्रोथ देने में मददगार साबित होंगे। उम्मीद करता हूं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 

Ethan

About the Author: Ethan is an experienced content writer with over 7 years of experience in crafting engaging and informative articles. His passion for reading and writing spans across various topics, allowing him to produce high-quality content that resonates with a diverse audience. With a keen eye for detail and a commitment to excellence, Ethan consistently delivers top-notch work that exceeds expectations.

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने